सर्जना
Friday, May 29, 2009
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जख्म न छेड़े आँसू हैं बेताब छलकने लगते हैं सूखे फूल किताबों में ही रख्खे अच्छे लगते हैं दरिया ऐ गम इन आंखों से किसने बहते देखा है बड़ी उम्र...
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Sunday, May 10, 2009
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बहोत अंधेरा घिर आया है दिल की राहों में जलाओं दीप मोहब्बत के तुम निगाहों में हुज़ुमे गम है चुभन दिल में नमी आंखों में लोग डूबे हैं अंधेरों मे...
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बहोत अँधेरा घिर आया है दिल की राहों में
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बहोत अँधेरा घिर आया है दिल की राहों में जलाओ दीप मोहब्बत के तुम निगाहों में हुज़ुमे गम है चुभन दिल में नमीं आंखों ...
Tuesday, May 5, 2009
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किसीको चाँदी किसीको सोना जीवन,कुछ पाना,कुछ खोना संग संग तदबीर-ओ-मुक़द्दर जीवन कुछ हँसना कुछ रोना लम्हा लम्हा रूप बदलता जीवन कटना उगना बोना न...
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Friday, May 1, 2009
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Monday, April 27, 2009
आंखों के सामने नहीं दिल में ख्याल मेंहरदम रहा वो साथ ,खुशी में मलाल में
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मनोज भाई यह गजल आपको समर्पित कर रहा हूँ आंखों के सामने नहीं दिल में ख्याल में हरदम रहा वो साथ ,खुशी में मलाल में जागी जो रात साथ, बुरा मान ग...
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Tuesday, April 21, 2009
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चाहना हक नहीं उल्फत ,मुहब्बत तो है मिट जाना बाँटना मुस्कुराहट ही ,फकत चाहत का पैमाना जमाने के लिए रोता , जमाने लिए हंसता मजहब जिसका मुहब्बत ...
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