सर्जना
Saturday, July 4, 2009
अपनापन
›
अपने ही अवरोध बनेंगे अपने ही पतवार मझधारों तक लायें अपने ,वे ही लगायें पार नित्य निकलता सूर्य तमस से नित्य उसीमें लीन गौरव की ऊंची उड़ान तब ...
17 comments:
Tuesday, June 23, 2009
›
मै तो उसका समझ रहा था कच्चा पानी लेकिन वो तो जीत गया करके मनमानी वो जीता तो सच है,, मुझको बुरा लगा लेकिन कहा किख़ुद मैंने की थी नादानी अच्छा...
4 comments:
Wednesday, June 10, 2009
›
असर हम पर न हो जाए जमाना है बदलने का सफर है जिंदगी भर का ,है वादा साथ चलने का मुसीबत ने बयां कर दी मुसीबत रिश्ते नातों की बहाना ढूंढते हैं द...
21 comments:
Friday, May 29, 2009
›
जख्म न छेड़े आँसू हैं बेताब छलकने लगते हैं सूखे फूल किताबों में ही रख्खे अच्छे लगते हैं दरिया ऐ गम इन आंखों से किसने बहते देखा है बड़ी उम्र...
13 comments:
Sunday, May 10, 2009
›
बहोत अंधेरा घिर आया है दिल की राहों में जलाओं दीप मोहब्बत के तुम निगाहों में हुज़ुमे गम है चुभन दिल में नमी आंखों में लोग डूबे हैं अंधेरों मे...
18 comments:
बहोत अँधेरा घिर आया है दिल की राहों में
›
बहोत अँधेरा घिर आया है दिल की राहों में जलाओ दीप मोहब्बत के तुम निगाहों में हुज़ुमे गम है चुभन दिल में नमीं आंखों ...
Tuesday, May 5, 2009
›
किसीको चाँदी किसीको सोना जीवन,कुछ पाना,कुछ खोना संग संग तदबीर-ओ-मुक़द्दर जीवन कुछ हँसना कुछ रोना लम्हा लम्हा रूप बदलता जीवन कटना उगना बोना न...
16 comments:
‹
›
Home
View web version