सर्जना
Saturday, February 27, 2010
अप्प होली भव:
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यह होली का समय है। समय के रथ पर बैठकर परिवर्तन आता रहता है एक समय था जब उम्र जताने के लिए देखे हुए बसन्तों की गिनती बताई जाती थी। अब बसन्त द...
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Sunday, January 17, 2010
वसंत पंचमी की शुभ कामनाए
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सरस्वती वंदना भावनाओं में ,कामनाओं में ,शौर्य सुधा भर दे वीणा वादिनी ,मातु शारदे ,,राष्ट्र भक्ति वर दे नीति सन्मति ,सत्य संस्कृति ,सम-आदर ,व...
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Monday, December 14, 2009
शब्दिका
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सड़ने लगा पानी पुनह, पुण्यघट रीते देवता के द्वार से लौटे कलश रीते पात्र का मंजन निरंतर , भावना से हृदय अंतर सुद्ध सात्विकता के पुजारी , हो गए...
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Wednesday, October 28, 2009
गीत
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ह्रदय योग कर दे ,हमें मीत कर दे चलो कोई ऐसा ,लिखें गीत, गायें। सूखी पडी है, नहर नेह रस की पतित पावनी गीत गंगा बहायें ॥ दृग्वृत पे मन के दिवा...
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Thursday, October 1, 2009
शरद पूर्णिमा की शुभ कामनाये
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चांदनी हो मुबारक सभी को चाँद आया है रस बरसाने लेके अंगडाई अरमान जागे, फ़िर हरे हो गए हैं फ़साने वक्त के घोल में तल्खियों को ,यूँ खंगाला बहुत व...
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Sunday, September 20, 2009
बतियाने से समय कटेगा , कदम उठें तो बात बनेगी
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बतियाने से समय कटेगा , कदम उठें तो बात बनेगी सोये रहजाना उचित नहीं , मत सोच कि कोई खरा नहीं लहरों पर भी करो सवारी,,,, उड़ना भी कुछ बुरा नही ...
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खामोशी के अपने गहरे माने होते हैं जिन पर इसकी रहमत हो मस्ताने होते हैं
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खामोशी के अपने गहरे माने होते हैं जिन पर इसकी रहमत हो मस्ताने होते हैं गिरते हैं कहकहे अचानक जब ठोकर खा कर तब ही हम अपनी हस्ती पहचाने होते ह...
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