सर्जना
Monday, May 22, 2023
आप चाहेंगे तो गाएंगे गीत वे आएगी गंध जिनमें बस प्रेम कीआप चाहेगें तो गाऐंगे मेघ वे_ बरसे जो नयनों से बरसों- बरसगाती कोयल फुदकती गौरैया मिलीजब आए कोई देने दाना उन्हेंपाईं राधा की मीरा की अनुभूतियांजब जब मिले जैसे कान्हा उन्हेंआप कह दें तो कह दूं सभी उलझनेजो सुलझांई हैं तुमने बरसो बरसप्रेम पल भर का भी होता है अमरजिसका परिणाम जग को मधुमय मिलेसौ गुना भाग्य है उस हृदय का अहोजिसमें रहने की इच्छा तुम्हारी जगेभाग्यशाली हैँ वे चाँद तारे सभी जो तकते रहे तुमको बरसों बरसआज भी तुम टटोलो अपने हृदयएक मूरत मिले खिलखिलाती हुईजिसपे तुम भी चढ़ाए, शतदलकमल फूलो के दल रानी चंपा जुही भीगता ही रहा ,पर कह न सकाएक बदली से मन की बरसों बरसमहामना
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आप चाहेगें तो आएंगे मेघ वे_ आएगी गंध जिनमें बस प्रेम की आप चाहेंगे तो गाएंगे गीत वे बरसे जो नयनों से बरसों- बरस गाती कोयल फुदकती गौरैया मि...
Friday, March 31, 2023
संसार तो छलिया है अंधेर है डगर डगरकीच और काँटों से निज को ही बचना हैपग पग पे प्रलोभन हैं फूलो में हैँ नाग बसेया तो शिव होना है या संभल निकलना हैआभार भार होता उपहार हार होताकिसकी है नीयत कैसी यह आप समझना हैमहामना
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कहते तो यही हैं सब यह ईश की रचना है धूप छाँव सुख दुख हमको ही चखना है संसार तो छलिया है अंधेर है डगर डगर कीच और काँटों से निज को ही बचना है...
Saturday, February 4, 2023
इनको चढ़ना था कुर्सी पर कुर्सी इन पर चढ़ गई
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इनको चढ़ना था कुर्सी पर कुर्सी इन पर चढ़ गई बात जरा सी बढ़ गई राज धर्म था जिन्हें पालना यही राज शिशु हो गए जन जन को पोषण देना था क्षीर स्वयं ...
.सिखा न पाए जो प्रेम करनाजगा न पाए संवेदनाए
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सिखा न पाए जो प्रेम करना जगा न पाए संवेदनाए उसे कहेंगे हम कैसे शिक्षा जो काट देती है अपने घर से यदि किया है भजन राम का तो छोड़ दो हरना सीता...
रामराज स्थापना अब यही राष्द्र आराधना
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रामराज स्थापना अब यही राष्ट्र आराधना इक दूजे से विनय करें हम करें यहीं बस प्रार्थना राम भुवन निर्माण की बेला संकल्प हमें भी करना है शुचिता ...
Thursday, March 26, 2020
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मैंने तो बस गोली एक ही दागी थी तुम मरही गए मेरी मासूमियत पर मैं खेल ही तो रहा था पेट्रोल बमों से तुम्हें अब भी शक है मेरी नीयत पर पत्थर उड़ ...
जुबां खानदान का पूरा पता देती है सीरतोअक्ल और इल्म बता देती है
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जुबां खानदान का पूरा पता देती है सीरतोअक्ल और इल्म बता देती है घुस आए हैं उन्ही को डर लगता है चोर की दाढ़ी बूटे का पता देती है घिर के आई ...
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