Tuesday, August 22, 2023

प्रिय अभिषेक प्रिय के लिए

अहो विकट
प्रिय मधु मादक 
हास्य चेतना एक साथ
अद्भुत विवेक का यह विलास
सुर ताल गति नव नवल छंद
सुरभित मकरित मृदु हास छंद
गाता शिक्षा का कुरुज्ञान 
ऐसी पींगें ऐसी उड़ान
छोटा न हो जाए वितान
समकालिक समर्थ रचना महान
कवि का कुल का हो यशोगान
धन्य धन्य अभिषेक तान

महामना के उद्गार
फेसबुक पर 22/अगस्त2021 को प्रकाशित

No comments:

Post a Comment