सर्जना
Monday, August 28, 2023
यहां हर एक अंधा है कोई भक्ति में कोई विरोध में यहां हर एक गुलाम है कोई प्रमाद का कोई विषाद कायहां हर एक विवादी हैकोई वादी है कोई प्रतिवादी हैपर संतुलित नहीं है कोईसमाधान का हिस्सा नहीं होना चाहता कोईक्यों कि सबको पता है वो स्वयं ही अपने स्थान पर अपनों के लिए समस्या हैजिस दिन आप होने लगेंगें समाधान का हिस्साआपके आसपास सौंदर्यमय जीवन जन्मने बढ़ने लगेगा शेष दुनिया के नर्क में भी आपकी प्रेरणा जाती रहेगी
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यहां हर एक अंधा है कोई भक्ति में कोई विरोध में यहां हर एक गुलाम है कोई प्रमाद का कोई विषाद का यहां हर एक विवादी है कोई वादी है कोई प्रतिव...
Tuesday, August 22, 2023
लालकिला / मणिपुर/ सियासत
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लालकिला / मणिपुर/ सियासत मेले हैं झमेले हैं अकेले हैं यहां इस दुनियादारी में बहुत कुछ, रखना पड़ता है, यहां पर पर्दादारी में तौल-ले-बोल तभी मु...
प्रिय अभिषेक प्रिय के लिए
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अहो विकट प्रिय मधु मादक हास्य चेतना एक साथ अद्भुत विवेक का यह विलास सुर ताल गति नव नवल छंद सुरभित मकरित मृदु हास छंद गाता शिक्षा का कुरुज्ञ...
Friday, July 21, 2023
जीवन नहीं रुका करते है कुछ जीवन रूक जाने सेगरलपान कर अमिय बॉटने का संकल्प और दृढ़ होयद्यपि वह वीभत्स देखकर सिहर गया मन सहमा हैउधर गिरे इक माँ के आँसू इधर कई आँचल भीगेपांचाली का अपराधी, क्या केवल दुर्योधन था यामोह मदांध शकुनि के पांसो में फंसे युधिष्ठिर भीमूल्यों का संस्थापन करने अब समाज मन सुदृढ़ हो अच्छा है तुम्हें ग्लानि जगी , क्यों कि तुम संस्कारी होठगी गई बालाओं पर भी कभी पसीजा क्या मन यहसभ्यताओं पर क्रोध करो जिनका जीवन व्यभिचारी हैदिशाबोध दे करो नियंत्रण आपराधिक यह लाचारी हैसंकल्प करो दंडित करने का शौर्य हमारा सुदृढ़ होबहिष्कार है कायरता कुछ वीरोचित आभियान करोकृष्ण राम की तरह क्रूर अन्यायी पर संधान करो कुछ अर्जुन तैयार करो कुछ भीम भूमि पर खड़े करोमन विस्तार करो स्व का ,मत स्वांतसुखाय सिकुड़ रहोस्वयंप्रभा से करो समुज्ज्वल जगती का सम्बल सुदृढ़ होमम
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जीवन नहीं रुका करते है कुछ जीवन रूक जाने से गरलपान कर अमिय बॉटने का संकल्प और दृढ़ हो यद्यपि वह वीभत्स देखकर सिहर गया मन सहमा है उधर गिरे इक ...
दुनिया की सेहत को अच्छे रंग बिरंगे लोगलेकिन नहीं चाहिए भैया रंग बदलते लोग
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दुनिया की सेहत को अच्छे रंग बिरंगे लोग लेकिन नहीं चाहिए भैया रंग बदलते लोग
Monday, May 22, 2023
आप चाहेंगे तो गाएंगे गीत वे आएगी गंध जिनमें बस प्रेम कीआप चाहेगें तो गाऐंगे मेघ वे_ बरसे जो नयनों से बरसों- बरसगाती कोयल फुदकती गौरैया मिलीजब आए कोई देने दाना उन्हेंपाईं राधा की मीरा की अनुभूतियांजब जब मिले जैसे कान्हा उन्हेंआप कह दें तो कह दूं सभी उलझनेजो सुलझांई हैं तुमने बरसो बरसप्रेम पल भर का भी होता है अमरजिसका परिणाम जग को मधुमय मिलेसौ गुना भाग्य है उस हृदय का अहोजिसमें रहने की इच्छा तुम्हारी जगेभाग्यशाली हैँ वे चाँद तारे सभी जो तकते रहे तुमको बरसों बरसआज भी तुम टटोलो अपने हृदयएक मूरत मिले खिलखिलाती हुईजिसपे तुम भी चढ़ाए, शतदलकमल फूलो के दल रानी चंपा जुही भीगता ही रहा ,पर कह न सकाएक बदली से मन की बरसों बरसमहामना
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आप चाहेगें तो आएंगे मेघ वे_ आएगी गंध जिनमें बस प्रेम की आप चाहेंगे तो गाएंगे गीत वे बरसे जो नयनों से बरसों- बरस गाती कोयल फुदकती गौरैया मि...
Friday, March 31, 2023
संसार तो छलिया है अंधेर है डगर डगरकीच और काँटों से निज को ही बचना हैपग पग पे प्रलोभन हैं फूलो में हैँ नाग बसेया तो शिव होना है या संभल निकलना हैआभार भार होता उपहार हार होताकिसकी है नीयत कैसी यह आप समझना हैमहामना
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कहते तो यही हैं सब यह ईश की रचना है धूप छाँव सुख दुख हमको ही चखना है संसार तो छलिया है अंधेर है डगर डगर कीच और काँटों से निज को ही बचना है...
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